बिना वजह रोजा छोड़ने वालो से अल्लाह बहुत नाराज होते है:-असलम खान सरपंच प्रतिनिधि बड़ेड
बिलाल अहमद/ब्यूरो चीफ नूह मेवात।
नूह जिले की ग्राम पंचायत बडेड की सरपंच शबाना खान वह ग्राम पंचायत प्रतिनिधि असलम खान ने कहा कि रमजान का रोजा रखना अल्लाह के हुक्म की तकमील है। बिना वजह रोजा छोड़ने वाले से अल्लाह ताला बहुत नाराज होते है और रोजा रख कर बिना वजह तोड़ने वाले पर एक क़ज़ा के साथ दो माह लगातार कफ़्फ़ारा के रोजा रखने का हुक्म है। इससे भी अगर चे आख़ेरत की बाज़ पूर्स से बच जाता है। लेकिन रमज़ान शरीफ के रोजा की फजीलत से महरूम ही रहता है। इस लिए रोजा रखने का बहुत एहतेमाम करना चाहिए। उसके जिस्मानी और रूहानी बहुत फायदे है। सबसे बड़ा फायदा रोजा के तीस दिन के कोर्स को पूरा करने पर अल्लाह ताला रोजा रखने वाले को अपना वली और दोस्त बना लेता है। इस्लामी महीना रमज़ानुल मुबारक़ त्याग और बरकत का महीना है। इस महीने में बारिश की तरह अल्लाह की तरफ से अपने बंदों के लिए रहमत बरसाती है। रोजेदार के मुंह की बू अल्लाह के नजदीक मुश्क और अम्बर से भी ज्यादा महबूब है।

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