शराब के नशे में धुत सामान्य अस्पताल नूह के मेडिकल ऑफिसर सहित अन्य महिला स्टॉफ़ पर लगा लापरवाही का आरोप
शराब के नशे में धुत सामान्य अस्पताल नूह के मेडिकल ऑफिसर सहित अन्य महिला स्टॉफ़ पर लगा लापरवाही का आरोप।
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डॉक्टरों को समझा जाता है भगवान का रूप लेकिन मरीजों के साथ करते हैं बदतमीजी।
वकील अहमद/संवाददाता नूह मेवात।
नुहू जिले के सामान्य अस्पताल में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर धर्मेंद्र व स्टाफ नर्स रचना स्टाफ नर्स ज्योति पर एक अधिवक्ता ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं वही आरोप लगाया है कि सीएससी नूह में तैनात मेडिकल ऑफिसर धर्मेंद्र शराब के नशे में धुत होकर बत्तमीजी व लापरवाही भी करता है। नूह सिटी थाने में दी शिकायत गुरुग्राम में मुंह में प्रैक्टिस कर रहा अधिवक्ता नफीस अहमद पुत्र अली मोहम्मद निवासी मालब ने बताया कि दिनांक 5 जनवरी को सुबह लगभग 1:00 बजे वह अपने भाई की गर्भवती पत्नी असमीना को प्रसव पीड़ा होने पर अपने भाई रहीस वे अपनी पत्नी व अपनी मां के साथ सिविल अस्पताल लाया था। उसके बाद स्टाफ नर्स ने गर्भवती असमीना को काफी देर बाहर खड़े रखा उसके बाद उसे बेड पर लिटा दिया बेड पर लेट आने के बाद दोनों स्टाफ नर्स अपने अपने रूम में सोने चली गई गर्भवती को फिर से ज्यादा परसों पीड़ा हुई मेरी पत्नी ने कई बार नर्स स्टाफ को पुकारा लेकिन मैं कमरे में नहीं आई आवाज सुनकर मैं वह मेरा भाई नर्स स्टाफ के पास जाकर उनसे प्रार्थना की लेकिन उन्होंने क्यों परेशान करते हो हम अपने आप देख लेंगे मेरे भाई वह मेरी पत्नी के साथ उन्होंने बदतमीजी से बात की तो मैंने एमओ साहब साबिर को 1:28 पर दो बार कॉल की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया उसके बाद धर्मेंद्र डॉक्टर एसएमओ जिन्होंने बहुत ज्यादा शराब पी हुई थी वह नशे में धुत था उन्होंने आते ही मेरे साथ मां बहन की गालियां दी और मेरे गिरवान पकड़कर धक्का मारकर कहा यहां से बाहर जाओ उपरोक्त दोनों नर्सों ने गर्भवती महिला को धक्का देकर बाहर निकाल दिया तब जाकर शिकायतकर्ता नफीस ने इसकी शिकायत सिटी थाने में की और कहा कि आप यहां आइए मेरे साथ धर्मेंद्र एम ओ ऑन ड्यूटी शराब पीकर झगड़ा कर रहा है तो पुलिस ने कहा कि सुबह दरकाश दे देना आप गर्भवती को ले जाओ उसके बाद गर्भवती को मैं प्राइवेट अस्पताल अलवर अस्पताल में ले गया जहां 10-15 मिनट के बाद उसकी बेहतरीन देखभाल पर एक शिशु को जन्म दिया और हमारे इलाज में करीब ₹20000 खर्च हुए वही शिकायतकर्ता एडवोकेट नफीस अहमद ने बताया सारी घटना सीएससी न्यू में लगे सीसीटीवी फुटेज में सामने आई हुई है उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि डॉक्टर का शराब सेवन के बाबत मेडिकल कराया जाए और ब्लड सैंपल लेकर लेबोरेटरी में भेजा जाए और डॉक्टरों व अन्य स्टाफ के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। हम आपको बता दें लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए वे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टरों को भगवान का रूप दिया जाता है हालांकि अगर नूह जिले की बात की जाए नूह सीएचसी में तैनात डॉक्टर व महिला स्टाफ नर्स द्वारा किस तरीके से मरीजों से व्यवहार किया जाता है बल्कि जहां उनका ईलाज होना है वहां से धक्का मार कर बाहर निकाल दिया जाता है। वही शिकायतकर्ता एडवोकेट नफीस अहमद ने जिला उपायुक्त महोदय व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से शिकायत पत्र देकर दोषी डॉक्टर व महिला स्टाफ नर्सों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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