मेवात में सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल लिख रही पदयात्रा,उद्योगपति बोले: “जहां लोग डर देखते हैं, वहां आशा और बदलाव की गूंज है”
मेवात में सामाजिक सौहार्द की नई मिसाल लिख रही पदयात्रा,उद्योगपति बोले: “जहां लोग डर देखते हैं, वहां आशा और बदलाव की गूंज है”
किरण शेखावत की स्मृति में आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम—मेवात की गर्मजोशी, सम्मान और भाईचारे ने जीता मेहमानों का दिल
मेवात की धारणा बदलने की पहल—महिलाओं की शक्ति बनी बदलाव की दिशा
एटीवी भारत/बिलाल अहमद/ब्यूरो नूह मेवात।
नूंह-मेवात। क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द, महिला सशक्तिकरण और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आयोजित कार्यक्रम में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और जानी-मानी सामाजिक हस्तियों ने हिस्सा लिया। डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान श्रीराम अग्रवाल और प्रगति पॉलिमर्स के डायरेक्टर केबी दुबे ने तिरंगा पूजन और पदयात्रा में शामिल होकर कहा कि इस आयोजन का एक बड़ा लक्ष्य मेवात के प्रति बनी गलत धारणाओं को तोड़ना और यहाँ की असली तस्वीर को देश के सामने लाना है।
श्रीराम अग्रवाल ने कहा कि अक्सर मेवात को डर, अव्यवस्था और नकारात्मकता के चश्मे से देखा जाता है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। “यहाँ डर नहीं, यहाँ तो आशा, आत्मविश्वास और बदलाव की गूंज है,” उन्होंने कहा।
कश्मीर की प्रसिद्ध समाजसेवी रासिदा मीर ने कहा कि मेवात को मुख्यधारा से जोड़ने और भाईचारे को मजबूत करने की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “यह पदयात्रा केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एकता और मानवता का संदेश लेकर चल रही है। मेवात के लोग जितने बड़े दिल वाले हैं, उतनी ही तेजी से यह इलाका विकास की ओर बढ़ सकता है।”
उद्योगपति वीना गुप्ता का भावुक अनुभव, उन्होंने स्वीकार किया कि वे मन में कुछ धारणाएं लेकर मेवात पहुंचीं, लेकिन यहां की गर्मजोशी, सम्मान, और खुले दिल से किया गया स्वागत देखकर उनके विचार बदल गए।
“मेवात की महिलाओं के चेहरे पर गर्व, बातों में आत्मविश्वास और दिलों में सकारात्मक बदलाव की ज्वाला साफ दिखाई दी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने जोड़ा—“मेवात ने सिखाया कि जहाँ लोग डर देखते हैं, वहां अक्सर आशा छुपी होती है, और जहाँ नकारात्मकता सुनाई देती है, वहाँ परिवर्तन की तैयारी चल रही होती है।”उद्योगपति वीना गुप्ता ने कहा कि मेवात का यह पहला दौरा उनके लिए अविस्मरणीय और परिवर्तनकारी रहा।
उन्होंने कहा कि वह यहाँ उन महिलाओं के कार्यक्रम में आई थीं, जो स्वर्गीय लेफ्टिनेंट किरण शेखावत सहित उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को समर्पित था जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। “उनके साहस और आदर्शों ने पूरे कार्यक्रम को गर्व, शक्ति और उद्देश्य से भर दिया,” वीना ने कहा। रासिदा मीर ने आगे कहा—“जब महिलाएँ एक-दूसरे का हाथ थाम लेती हैं, तो कोई भी समाज, कोई भी इतिहास बदल सकता है। गांव घागस में वरिष्ठ पत्रकार राजूद्दीन ने वंदे सरदार एकता पदयात्रा का गुलाब के फूलों, शालों, पटाखों से स्वागत किया गया। वहीं घागस में घुसते ही ढोल नगाड़ों से स्वागत किया। मौके पर पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जाहिद हुसैन चेयरमेन, समाजसेवी सबीला जंग, फिरोजपुर झिरका मार्केट कमेटी के महावीर सैनी, अध्यक्ष जफरूद्दीन बाघोड़िया, महासचिव मोहम्मद साजिद, चौधरी जुहुरमल तेड़, हाजी आस मोहम्मद, यूनुस सरपंच कोटला, हारून सरपंच कंसाली, फौजी अली मोहम्मद जैताका, चौधरी सोहराब नंबरदार, साकिर सरपंच घागस, अल्ताफ सरपंच मालब, टेकचंद गौहर, फजरुदीन भादस, इमरान सरपंच घासेड़ा, समाजसेवी जाकिर कोटला, रासिद कुरैशी रुपड़ाका, सोराब मेवली, आरिफ मेवली, हाजी कल्लू घागस, पूर्व सरपंच राजपाल, पंचायत समिति सदस्य बीरबल उलेटा सहित विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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